दिल्ली MCD चुनाव मे आम आदमी की बॉबी (किन्नर) की जीत
फोटो क्रेडिट- द इंडियन एक्सप्रेसएक दौर था जब थर्ड जेंडर (किन्नर) को लोग हे की नजरों
से देखा करते थे|
किन्तु आज भी ये समस्या कुछ क्षेत्रों मे बनी
हुई है|
इस सभी के बावजूद आज आम आदमी पार्टी (AAP) की तरफ से दिल्ली
के सुल्तानपुरी-A
वार्ड 43 से “दिल्ली” की चुनावी इतिहास में पहली बार किसी किन्नर
उम्मीदवार ने जीत दर्ज की है।
दिल्ली नगर
निगम चुनाव की इकलौती ट्रांसजेंडर उम्मीदवार बॉबी किन्नर जीत चुकी हैं।
बॉबी को आम
आदमी पार्टी ने mcd चुनाव मे अपना
प्रत्याशी बनाया था।
दिल्ली में आप से पहले किसी
राजनीतिक दल ने किसी ट्रांसजेंडर को अपना प्रत्याशी नहीं बनाया था। हालांकि बॉबी
इससे पहले साल 2017
में निर्दलीय नगर निगम(MCD) का चुनाव लड़ थीं, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
बॉबी का जन्म तथा पालन पोषण सुल्तानपुर इलाके मे हुआ था-
बॉबी का जन्म और पालन-पोषण सुल्तानपुर इलाके में हुआ
था।
बॉबी बताती है की वह अब भी अपने मां से संपर्क में
हैं। वह बताती हैं, की ”मेरी माँ ने हमेशा मुझसे प्यार किया और अब भी करती हैं। मेरा एक छोटा भाई है, जो प्राइवेट नौकरी करता है। मेरे पिता एक छोटा ढाबा चलाया करते थे। अब वह नहीं
रहे। मेरी मां छोटे-मोटे काम करके हमारा पालन-पोषण किया। मैं अब भी उनसे मिलती
हूं। और उनके साथ समय बिताती हूँ| चुनावी प्रचार के दौरान बॉबी की माँ भी बॉबी के लिए
प्रचार किया करती थी|
बॉबी पहले शादियों में डांस किया करती थीं। बाद में
वह सामाजिक कार्यकर्ता बन गईं और अब राजनीति में अपनी राह बना रही हैं। अपने सफर
को याद करते हुए बॉबी कहती हैं, ”स्कूल
में मुझे परेशान किया जाात था। मेरे माता-पिता मुझसे प्यार करते थे। लेकिन वो भी
समाज के दबाव में आ गए।
जब मैं लगभग 14-15 साल की थी-
जब मैं लगभग 14-15 साल की थी, तो मुझे
मेरे गुरु अपने पास ले आए। वह अब इस दुनिया में नहीं हैं। उन्होंने मुझे रहने की
जगह और प्यार दिया। मुझे अपने जैसे लोग मिले, मुझे घर जैसा महसूस हुआ।”
शुरुआत में बॉबी शादियों और जन्मदिनों में नाचती-गाती
थीं। 21-22 साल की होने पर वह
एक एनजीओ से जुड़ गईं। वहीं उन्होंने पढ़ना लिखना सीखा। यहीं से उनके सामाजिक
कार्यकर्ता बनने की शुरुआत हुई। वह
वंचित बच्चों और ट्रांसजेंडर्स के लिए काम करने लगीं।

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