तुम कुछ हमारी यादें रख लेना..





तुम कुछ हमारी यादें रख लेना.. 
जब जिंदगी उदास करने लग जाए, 
इन्हे महसूस कर एक दफ़ा जी लेना|
सब जब छोड़ जाए.. 
फिर भी मेरा आशियाँ तुम्हारे इंतजार मे होगा.. 
वो जो इश्क़ करते है तुम्हारे जिस्म से,
जब उन्हे ऐतराज होने लगे तुम्हारे चेहरे की झुर्रियों से.. 
तब भी तुम लौट आना, 
यहाँ कोई तुम्हारे इंतजार मे होगा|  
लोग बड़ी बड़ी बातें करेंगे..
पर तुम हकीकत से रूबरु होगी, 
ये दुनिया की बनाई रश्मों से एतराज है मुझे.. 
वैसे तो तुम्हारी खामोशीयों से भी मैं जवाब ढूंढ लेता हूँ,
मग़र तमन्ना ये है दिल की बातें लबों से बयां करो|
माना मेरा इंतजार लंबा है.. 
पर तुम इंतजार मत करना|
जो कही थी बातें मैंने उसका इक़रार न करना.. 
लो अब बात वहाँ भी आयी..  हो सके तो तुम मुझसे प्यार न करना|
एक कैद है ये जिंदगी, रिहाई अभी बाकी है.. 







 




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